लाहौर (11 सितंबर 25)। पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के 17 समर्थकों को 2023 के दंगा मामले में 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई है। लाहौर की आतंकवाद-रोधी अदालत के न्यायाधीश मंजर अली गिल ने मंगलवार को यहां कोट लखपत जेल के अंदर फैसला सुनाया। यह फैसला नौ मई, 2023 को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर में उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश के दस्ते में शामिल वाहन को आग लगाने से संबंधित है। ये विरोध-प्रदर्शन पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा खान की गिरफ्तारी के बाद भड़के थे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के दोषी ठहराए गए नेताओं में पंजाब के पूर्व मंत्री यास्मीन राशिद और मियां महमूदुर राशिद; पंजाब के पूर्व गवर्नर उमर सरफराज चीमा और पूर्व सीनेटर एजाज चौधरी शामिल हैं।
अदालत ने इसी मामले में पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख आसिफ नवाज जंजुआ की पोती और फैशन डिजाइनर खदीजा शाह को भी पांच साल जेल की सजा सुनाई। अदालत के एक अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और 20 अन्य को इस मामले में बरी कर दिया गया। लाहौर में नौ मई, 2023 के प्रदर्शन से जुड़ा यह चौथा मामला है, जिसमें कुरैशी को बरी कर दिया गया, जबकि राशिद, चीमा, चौधरी और राशिद को दोषी ठहराया गया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के वरिष्ठ नेता जुल्फी बुखारी ने एक बयान में कहा, ‘PTI नेताओं के खिलाफ नौ मई 2023 की घटनाओं पर यह फैसला सबूतों और न्यायशास्त्र की शुचिता, दोनों को चुनौती देता है। ऐसा लगता है कि पीटीआई के खिलाफ फैसला सुनाना न्यायपालिका में बने रहने का एकमात्र जरिया बन गया है।'