नईदिल्ली (1 मई 24)। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की 16वीं क्षेत्रीय समीक्षा बैठक का आरंभ 30 अप्रैल 2024 को सचिव (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय) सुमिता डावरा ने केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त (सीपीएफसी) नीलम शमी राव, संयुक्त सचिव (श्रम और रोजगार मंत्रालय) आलोक मिश्रा और ईपीएफओ के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। इस बैठक का उद्देश्य पिछले एक वर्ष के दौरान हुई प्रगति पर विचार करना, सफलता के क्षेत्रों की पहचान करना, सुधार के संबंध में चर्चा करना और चालू वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों के साथ-साथ प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों की पहचान करना था। इस बैठक में क्षेत्रों ने अपने सर्वोत्तम अनुभव साझा किए और अन्य क्षेत्रों को उनका अनुसरण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सचिव (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय) सुमिता डावरा ने अपने लाखों सदस्यों की सामाजिक सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के प्रबंधन की दिशा में सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में से एक होने के नाते ईपीएफओ के अवसर और उत्तरदायित्व पर बल दिया। उन्होंने इस वर्ष ईपीएफओ के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर भी जोर दिया, जिनमें सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, दावों का तेजी से निपटान, दावा अस्वीकृति में कमी, संशोधित आईटी प्रणालियों, पेंशन और नियोक्ताओं के लिए व्यापार करने में आसानी शामिल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दावों पर कार्रवाई करने से लेकर डिजिटल सेवाओं के विस्तार तक, संचालन के हर पहलू को यह सुनिश्चित करने के लिए अनुकूलित किया जाना चाहिए कि ईपीएफओ अपने हितधारकों की जरूरतों को प्रभावी ढंग से और कुशलतापूर्वक पूरा कर रहा है। उन्होंने अग्रिम दावों के स्वत: निपटान के क्षेत्र में ईपीएफओ की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की।