कुवैत (19 मार्च 26)। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। ताजा घटनाओं में तेल अवीव के ऊपर जोरदार धमाके सुने गए, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। ये धमाके ईरान के जवाबी हमलों से जुड़े माने जा रहे हैं। इससे पहले कुवैत की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक Mina Al-Ahmadi Refinery पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान बड़ा बताया जा रहा है। यह रिफाइनरी मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी इकाइयों में गिनी जाती है, जिसकी उत्पादन क्षमता करीब 7.3 लाख बैरल प्रतिदिन है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अपने खिलाफ हुए हमलों के जवाब में कतर, कुवैत और यूएई जैसे खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया है। कतर के LNG हब में भी मिसाइल हमलों के बाद आग लग गई, जिसे बाद में बुझा दिया गया, लेकिन वहां पहले ही उत्पादन रोक दिया गया था और अब और नुकसान हुआ है। यूएई में हबशान गैस प्लांट और बाब ऑयल फील्ड को भी बंद करना पड़ा। अधिकारियों ने इसे 'खतरनाक उकसावा' बताया है। कतर, सऊदी अरब और यूएई ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अरब के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि इन हमलों से 'विश्वास पूरी तरह टूट गया है।' अब यह साफ हो चुका है कि मिडिल ईस्ट की जंग 'एनर्जी वॉर' में बदल गई है। तेल और गैस ठिकानों पर लगातार हमले न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकते हैं।