तेहरान (06 अप्रैल 26)। ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज हो गया है। हाल ही में अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15 को गिराए जाने के बाद उसका एक पायलट लापता हो गया था, जिसे अब अमेरिकी सेना ने बचा लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को 'अमेरिकी इतिहास का सबसे साहसी रेस्क्यू मिशन' बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने किसी भी सैनिक को पीछे नहीं छोड़ता और यह मिशन उनकी सैन्य ताकत का बड़ा उदाहरण है।
ट्रंप के अनुसार, इस ऑपरेशन में दर्जनों अत्याधुनिक हथियारों से लैस विमान शामिल थे और पायलट को ईरान के पहाड़ी इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस पूरे मिशन में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। लेकिन ईरान ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरानी सैन्य मुख्यालय Khatam al-Anbiya Central Headquarters के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ुल्फागरी ने कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिका की 'कड़वी हार' को छुपाने की कोशिश है। उनका दावा है कि ईरानी बलों ने दक्षिणी इस्फहान क्षेत्र में अमेरिकी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया और एक C-130 विमान को भी मार गिराया, जो रेस्क्यू मिशन में शामिल था।जोल्फाघरी ने कहा 'अमेरिका अपनी असफलता को छुपाने के लिए झूठी जीत की कहानी गढ़ रहा है।' दोनों तरफ से युद्ध के अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इन विरोधाभासी दावों के बीच सच्चाई पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब ईरान पहले ही अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुका है।