तेहरान (24 जून 25)। पश्चिम एशिया में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को ईरान के फोर्दो स्थित भूमिगत यूरेनियम संवर्धन केंद्र पर एक बार फिर हमला किया गया। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका ने एक दिन पहले ही फोर्दो सहित तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर बंकर बस्टर बम गिराए थे। ईरान का आरोप है कि सोमवार का यह हमला इजराइल द्वारा किया गया है।
फोर्दो पर हमले के तुरंत बाद ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3’ के तहत इजराइल के हाइफा, तेल अवीव और यरुशलम शहरों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। ईरानी मीडिया ने दावा किया कि इन हमलों से इजराइली रक्षा प्रणाली को चुनौती मिली। इजराइल ने अपने नागरिकों से बंकरों में छिपने का आह्वान किया और कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली हमलों को रोकने में सक्रिय है।ईरान के सेना प्रमुख जनरल अब्दुलरहीम मौसवी ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरानी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन किया है और अब ईरानी सशस्त्र बलों को अमेरिकी ठिकानों और हितों पर जवाबी कार्रवाई करने की पूरी छूट दे दी गई है। पश्चिम एशिया में हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती के मद्देनजर यह चेतावनी बेहद अहम मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने आशंका जताई कि रविवार के अमेरिकी हमले में फोर्दो में भारी नुकसान हुआ होगा। अमेरिकी थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार चार सुरंगों में से तीन के प्रवेश द्वार पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। हालांकि स्वतंत्र निरीक्षण अब भी संभव नहीं हो पाया है।