मुंबई (13 मार्च 26)। मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध और समुद्री सुरक्षा खतरे के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लाइबेरिया के झंडे वाला तेल टैंकर Shenlong Suezmax सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से मुंबई पोर्ट पहुंच गया है। यह जहाज ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर भारत आने वाला पहला जहाज माना जा रहा है। यह टैंकर Ras Tanura Port से 1 मार्च को कच्चा तेल लोड करके 3 मार्च को रवाना हुआ था। जहाज 1,35,335 मीट्रिक टन सऊदी क्रूड ऑयल लेकर आया है, जिसे पूर्वी मुंबई के महुल इलाके की रिफाइनरियों में भेजा जाएगा। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार जहाज 8 मार्च को Strait of Hormuz से गुजरा।
इस दौरान जहाज ने जोखिम वाले हिस्से में अपना AIS (Automatic Identification System) ट्रांसपोंडर अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। यह सिस्टम जहाज की पहचान, गति और दिशा की जानकारी आसपास के जहाजों और तटीय स्टेशनों को भेजता है। सुरक्षा कारणों से कभी-कभी जहाज इसे बंद कर देते हैं। 9 मार्च को जहाज दोबारा ट्रैकिंग सिस्टम पर दिखाई दिया।टैंकर बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मुंबई पोर्ट पहुंचा और शाम 6:06 बजे जवाहर द्वीप टर्मिनल पर उसे बर्थ दिया गया। क्रूड ऑयल को खाली करने की प्रक्रिया लगभग 36 घंटे तक चलने की उम्मीद है। जहाज का स्वामित्व Shenlong Shipping Ltd के पास है और इसका प्रबंधन ग्रीस की कंपनी Dynacom Tanker Management करती है। जहाज पर 29 क्रू सदस्य हैं, जिनमें भारतीय, पाकिस्तानी और फिलीपीनी नाविक शामिल हैं। जहाज का कप्तान भी एक भारतीय है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना के कमांडर अलीरज़ा तांगसिरि ने चेतावनी दी है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को ईरान से अनुमति लेनी होगी। उन्होंने दावा किया कि दो जहाजों को चेतावनी के बावजूद जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश करने पर निशाना बनाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा मार्ग है। यहां से रोज 20 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल गुजरता है।