तेहरान (10 अगस्त 25)। ईरान में बुधवार को दो व्यक्तियों को फांसी दे दी गई । एक इजरायल के लिए जासूसी का दोषी और दूसरा आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ा हुआ पाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए अंतिम आदेश सुनाया, जिसके तुरंत बाद यह सज़ा लागू की गई। यह मामला ईरान-इजरायल के लंबे समय से चले आ रहे गहरे तनाव और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ ईरान की सख्त कार्रवाई का ताज़ा उदाहरण है।
तेहरान की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, रूजबेह वादी नामक व्यक्ति पर आरोप था कि उसने ईरानी परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी गोपनीय जानकारियां इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद को दीं। वादी, जिसे स्वयं भी परमाणु वैज्ञानिक बताया गया है, ने कथित तौर पर ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में मोसाद एजेंटों से पांच बार मुलाकात की थी। दावा किया गया कि उसकी दी गई जानकारी के आधार पर जून में इजरायल ने कई ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों पर हमले किए, जिससे ईरान को गहरा झटका लगा। ईरानी एजेंसी IRNA के मुताबिक, वादी के पास संवेदनशील सरकारी संस्थाओं तक पहुंच थी, जो उसे मोसाद के लिए एक अहम स्रोत बनाती थी। उसने कथित रूप से वित्तीय लाभ के लिए इजरायल से सहयोग करने की बात स्वीकार की थी। दूसरे दोषी मेहदी असगरजादेह पर आरोप था कि वह ISIS से जुड़ा हुआ था और ईरान में तोड़फोड़ की योजना बना रहा था।
उसने सीरिया और इराक में आतंकी प्रशिक्षण लिया और चार सदस्यीय टीम के साथ अवैध रूप से ईरान में घुसा। हालांकि उसकी टीम के अन्य सदस्य ईरानी सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। दोनों मामलों में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सजा बरकरार रही, जिसके बाद उन्हें फांसी दी गई। ईरान में इजरायल के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तारियां और फांसी की सज़ाएं पहले भी होती रही हैं, और पिछले एक साल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं।