Tuesday, 29 Sep 2026

ईरान में फंसे 110 भारतीय नागरिकों को दिल्ली लाया गया

नईदिल्ली (20 जून 25)। ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'ऑपरेशन सिंधु' की शुरुआत की है। इस विशेष अभियान के तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे हजारों भारतीयों को सुरक्षित निकालने का कार्य तेज़ कर दिया है। राहत की पहली खबर गुरुवार सुबह तब आई, जब 100 से अधिक भारतीय छात्रों का पहला जत्था सुरक्षित रूप से दिल्ली पहुंचा।

वतन लौटे छात्रों ने वहां के हालात को दिल दहला देने वाला बताया। एक छात्र यासिर गफ्फार ने बताया, 'रात में हमारे ऊपर से मिसाइलें गुजरती थीं, आसमान में धमाके होते थे। हर वक्त डर का माहौल था। लेकिन जैसे ही भारत की ज़मीन पर कदम रखा, एक सुकून महसूस हुआ।' छात्रों का कहना है कि हालात बिगड़ने के साथ ही उनकी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजना शुरू किया। कई छात्रों को पहले उत्तरी ईरान से निकालकर आर्मेनिया पहुंचाया गया, फिर वहां से कतर के रास्ते भारत लाया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ईरान में वर्तमान में करीब 4,000 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से लगभग 2,000 छात्र हैं। इन छात्रों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार लगातार ईरान और आर्मेनिया की सरकारों के संपर्क में है। उत्तरी इलाकों से अब तक 110 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इस्लामिक आज़ाद यूनिवर्सिटी और ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के सभी भारतीय छात्रों को पहले ही सुरक्षित ठिकानों पर भेज दिया गया है। शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी के छात्र कोम शहर की ओर रवाना किए गए, जबकि शिराज और इस्फहान यूनिवर्सिटियों से छात्रों की निकासी प्रक्रिया मंगलवार को जारी रही।

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