तेहरान (08 अक्टूबर 26)। इजराइल के साथ जारी भीषण युद्ध के बीच लेबनान के सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह को अपने समर्थक लेबनानी नागरिकों की मदद के लिए ईरान से 200 मिलियन डॉलर (लगभग 20 करोड़ डॉलर) की वित्तीय सहायता मिली है। अमेरिकी प्रतिबंधों और कड़े आर्थिक दबाव के बावजूद यह फंड पिछले महीने हिजबुल्लाह तक पहुंचाया गया है। युद्ध में बेघर हुए अपने समर्थकों को सहारा देने के लिए संगठन द्वारा दी जाने वाली यह पहली बड़ी प्रत्यक्ष आर्थिक मदद है।
सूत्रों के अनुसार, हिजबुल्लाह इस राशि का उपयोग विस्थापित हुए परिवारों को प्रति परिवार 3,000 डॉलर की शुरुआती नकद सहायता देने के लिए करेगा। इस योजना में उन लगभग 50,000 परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके गांव इजरायली कब्जे या हमलों के कारण पूरी तरह तबाह या पहुंच से बाहर हो चुके हैं। कड़े अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों और निगरानी के कारण इस राशि को लेबनान तक पहुंचाना बेहद जोखिम भरा था। पैसों का लेन-देन करने वाले मध्यस्थों ने इसके लिए 20 प्रतिशत का भारी कमीशन वसूला, जो सामान्य शुल्क से चार गुना अधिक है। बताया जा रहा है कि इराक और दुबई की वित्तीय कंपनियां अब इस प्रकार के फंड ट्रांसफर के लिए उपलब्ध नहीं थीं और तुर्की में भी वित्तीय संस्थानों पर भारी दबाव था।
अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, ईरान ने 2025 के शुरुआती 10 महीनों में ही हिजबुल्लाह को 1 अरब डॉलर (1 बिलियन डॉलर) ट्रांसफर किए थे। हालांकि जून में अमेरिका और तेहरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था जिससे ईरान को तेल बेचने की छूट मिली थी, लेकिन यह समझौता जुलाई में टूट गया। इसके बाद वाशिंगटन ने पाबंदियां कड़ी कर दीं और ईरानी तेल निर्यात को रोकने के लिए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी।