देहरादून (05 अगस्त 25)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में मंगलवार सुबह बादल फटने से भीषण त्रासदी का मंजर सामने आया। ऊंचाई पर स्थित गांवों में अचानक आई बाढ़ से कई मकान बह गए और दर्जनों लोग लापता हो गए हैं। आपदा की भयावह तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग होटल से भागते नजर आ रहे हैं और चीख-पुकार मच गई। धराली गांव के नज़दीक हर्षिल के तेलगाड़ क्षेत्र में स्थित भारतीय सेना का कैंप भी इस आपदा की चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार, इस कैंप में सेना की मेस और कैफे स्थित हैं। कई जवानों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। हर्षिल क्षेत्र में सेना की 14 राजपूत यूनिट की तैनाती है। इसके साथ ही मौसम विभाग के द्वारा 3 घंटें के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि तेज बहाव में कई मकानों को पानी अपने साथ बहा ले गया। चश्मदीदों के मुताबिक, कई लोग पानी की चपेट में आ गए। अभी तक इस आपदा में 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि लगभग 50 लोग लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। यह हादसा उत्तरकाशी के हर्षिल के पास धराली गांव में हुआ, जहां अचानक बादल फटने के बाद एक पूरा गांव बह गया। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारों से दूर रहने और बच्चों व मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। राज्य सरकार ने घटना को लेकर दुख जताया है और कहा है कि राहत कार्य में कोई कमी नहीं रखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और लापता लोगों की तलाश के लिए सघन अभियान जारी रखने के निर्देश दिए हैं।उत्तरकाशी से करीब 18 किलोमीटर दूर नेतला क्षेत्र में भूस्खलन के चलते धराली तक पहुंचने के मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। वहीं, हर्षिल में नदी किनारे बना हेलीपैड भी बाढ़ में बह गया है, जिससे हेलीकॉप्टर से राहत कार्य करना संभव नहीं हो पा रहा है।