Sunday, 04 Oct 2026

उत्तराखंड में 136 मदरसे सील, फंडिंग की जांच

देहरादून (25 मार्च 25)। उत्तराखंड सरकार ने अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अब उनकी फंडिंग की गहन जांच करने का निर्णय लिया है। प्रदेशभर में अब तक 136 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन मदरसों को मिलने वाले धन के स्रोतों की पूरी तरह से जांच की जाए। प्रदेश में पिछले एक महीने से अवैध मदरसों को लेकर प्रशासन ने सख्त अभियान चला रखा है। अब तक जिन मदरसों को सील किया गया है, उनके पास न तो पंजीकरण के वैध दस्तावेज थे और न ही संचालन से संबंधित कोई अधिकृत प्रमाण था। सरकार को संदेह है कि इन मदरसों को हवाला या विदेशी फंडिंग के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसी कारण, अब इनकी वित्तीय गतिविधियों की पूरी जांच की जाएगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तराखंड में करीब 500 अवैध मदरसे चल रहे हैं, जिनके संचालन की कोई अधिकृत जानकारी प्रशासन के पास नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन मदरसों का खर्च कैसे चलता है और शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन कहां से आता है? सरकार को आशंका है कि ये मदरसे धर्म की आड़ में अवैध फंडिंग प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि क्या इन मदरसों को दूसरे देशों से फंडिंग मिल रही है या नहीं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि जिला स्तर पर एक विशेष कमेटी बनाई जाए, जो अवैध मदरसों की फंडिंग की जांच करेगी। इस कमेटी को प्रत्येक मदरसे के दस्तावेज, बैंक खाते और आय-व्यय का पूरा ब्योरा खंगालने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि किसी मदरसे की फंडिंग में गड़बड़ी या संदिग्ध लेन-देन पाया जाता है, तो संबंधित मदरसे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों जैसे जसपुर, बाजपुर, किच्छा, काशीपुर, रुद्रपुर, गदरपुर, पछवादून और हरिद्वार में अवैध मदरसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सरकार को सूचना मिली है कि इनमें से कई मदरसे बिना अनुमति के चल रहे हैं और यह सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। प्रशासन अब इन मदरसों के स्रोतों और उद्देश्यों की गहन जांच कर रहा है। सोमवार को देहरादून जिला प्रशासन ने सहसपुर में स्थित एक बड़े मदरसे को सील कर दिया। इस मदरसे ने बिना किसी अधिकृत अनुमति के एक मंजिल का निर्माण कर लिया था। प्रशासन ने पहले ही इसे नोटिस जारी किया था, लेकिन मदरसा प्रबंधन ने नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा, जिसके बाद कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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