Thursday, 01 Oct 2026

ऊर्जा से लेकर परमाणु तक भारत-अमेरिका में साझेदारी मजबूत

वाशिंगटन (05 फरवरी 26)। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को वाशिंगटन डीसी में द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्वागत किया। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुआ है। दोनों नेताओं ने व्यापार के साथ-साथ ऊर्जा, परमाणु सहयोग, रक्षा, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक ऐसे समय हुई है जब अमेरिका बुधवार को पहली ‘महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक’ की मेजबानी करने जा रहा है।

जयशंकर इस बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्री से मुलाकात बेहद सार्थक रही और द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर व्यापक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा, परमाणु, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और प्रौद्योगिकी को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभों के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को औपचारिक रूप देने पर विशेष जोर दिया। इसे भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला के लिए अहम माना जा रहा है। 

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जयशंकर और रुबियो ने क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को और विस्तार देने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि समृद्ध और स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र भारत और अमेरिका के साझा हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी जवाबी शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा, जिसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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