Saturday, 03 Oct 2026

एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को दिया जाए: जयराम रमेश

नईदिल्ली (15 अप्रैल 26)। महिला आरक्षण संविधान संशोधन बिल को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसे लेकर जहां भाजपा फायदे गिना रही है तो वहीं मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस इसे लेकर भाजपा पर हमला वार है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी के नेता जयराम रमेश ने बिल को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव प्रचार के बीच ये बिल लाया जाता है और बड़े गलत तरीके से महिला आरक्षण और परिसीमन को जोड़ा जाता है और एक ही संविधान संशोधन बिल है, जिसमें परिसीमन का प्रावधान है और महिला आरक्षण का प्रावधान हैं ये परिसीमन बड़ा खतरनाक है जो बार-बार  सरकार की ओर से कहा जा रहा है। 

रमेश ने कहा कि गृह मंत्री ने और अनेक मंत्रियों ने कहा है कि लोकसभा सीटे 50% ज्यादा बढ़ाया जाएगा और उसके साथ-साथ समानुपातिक तरीके से सभी राज्यों की सीटे लोकसभा में बढ़ाई जाएगी। ये कही इस विधेयक में शामिल नहीं है। सिर्फ लोकसभा का जिक्र किया गया है जो हर एक राज्य की ताकत होती है जो अनुपात है वो इस बिल के आधार पर घटेगा।  कई राज्यों का अनुपात घटेगा...इस परिसीमन में अनुपात नहीं दिखाई दे रहा है जिस तरह परिसीमन आयोग ने असम और जम्मू-कश्मीर में अपना काम किया है ये बिल्कुल साफ हो गया है कि परिसीमन आयोग बीजेपी के हाथ में बहुमत पाने के लिए एक हथियार है...हमारी पार्टियां चाहती है कि एक तिहाई आरक्षण महिलाओं को दिया जाए और 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू किया जाए लेकिन हम परिसीमन प्रावधानों के बिल्कुल खिलाफ है हम इसका समर्थन नहीं कर सकते हैं हम चाहते हैं कि महिला आरक्षण लागू हो।

गौरतलब है कि विशेष सत्र में प्रस्तावित बिल लोकसभा सीटों को बढ़ाने का प्रस्ताव है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023, लोकसभा में परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा है, केंद्र सरकार ने सदन में सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रपोजल है, जिसमें से 815 सीटें स्टेट और शेष 35 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए आरक्षित हैं। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। फिलहाल इस बिल को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावार है। 

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