नईदिल्ली (19 जुलाई 24)। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतनराम मांझी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नई दिल्ली के ओखला में एनएसआईसी तकनीकी सेवा केंद्र (एनटीएससी) में नए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में सचिव (एमएसएमई) एससीएल दास, संयुक्त सचिव (एसएमई) मर्सी एपाओ और एनएसआईसी के सीएमडी डॉ. एसएस आचार्य भी उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह की शुरुआत डॉ. एसएस आचार्य के स्वागत भाषण से हुई, जिन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने में कौशल विकास की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं और उभरते उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए विश्व स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करने के लिए एनएसआईसी की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण एनएसआईसी और मेसर्स ड्रोन डेस्टिनेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करना था। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य कौशल विकास कार्यक्रमों में उन्नत ड्रोन प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण को शामिल करना है, जिससे एमएसएमई को तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी परिदृश्य में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके। एमएसएमई के लिए समर्थन को और मजबूत करते हुए, एनएसआईसी की ऋण सुविधा योजना के तहत तीन बैंकों के साथ समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम स्थल पर एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई जिसमें एनएसआईसी से उत्तीर्ण प्रशिक्षु, जो अब उद्यमी हैं, उन्होंने आकर अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। दोनों मंत्रियों ने अपने स्टॉल पर उद्यमियों से बातचीत की, उन्हें उनकी सफलता के लिए बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया।