नईदिल्ली (14 सितंबर 25)। आज एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर देशभर में भारी विरोध हो रहा है। विपक्षी दल, भाजपा के सहयोगी और आम जनता सोशल मीडिया पर इस मैच का बहिष्कार कर रही है। महाराष्ट्र में शिंदे शिवसेना के नेता संजय निरूपम, पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ित परिवारों ने भी कड़ा विरोध जताया है। शिवसेना-यूबीटी की महिला कार्यकर्ताओं ने मुंबई में सिंदूर के साथ प्रदर्शन किया।
शिंदे शिवसेना के नेता संजय निरूपम ने कहा, 'भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ता बेहद कड़वा है। पाकिस्तान ने हमेशा भारत को नुकसान पहुंचाने वाली विदेश नीति अपनाई है।' उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा, 'पाकिस्तान ने आतंकियों को पाला-पोसा, उन्हें ट्रेनिंग दी और पनाह दी। इन आतंकियों ने भारत के निर्दोष लोगों और शहरों पर हमले किए। पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का रिश्ता नहीं होना चाहिए।' निरूपम ने खेल, सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों पर रोक लगाने की मांग की और कहा, 'बालासाहेब ठाकरे का भी यही मानना था।' पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री और पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी ने कहा, 'मैं भारत-पाकिस्तान मैच के साथ-साथ पूरे एशिया कप का बहिष्कार कर रहा हूं। मैं इसे नहीं देख सकता।' उन्होंने कहा, 'लोगों की जिंदगी कोई खेल नहीं है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलवामा, पहलगाम, पठानकोट जैसे कई आतंकी हमलों को कोई भारतीय नहीं भूला सकता।' तिवारी ने शहीदों और मासूमों के परिवारों के दर्द का हवाला देते हुए कहा, 'केवल उनके घरवाले ही इस दर्द को समझ सकते हैं।' पुणे के संतोष जगदाले, जो पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए थे, उनकी बेटी असावरी जगदाले ने कहा, 'यह मैच नहीं होना चाहिए था। यह बेहद शर्मनाक है। पहलगाम हमले को छह महीने भी नहीं हुए, उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर हुआ, फिर भी यह मैच हो रहा है।' उन्होंने कहा, 'इन लोगों को परवाह ही नहीं कि कोई मर गया। पैसा देशभक्ति तय करता है, क्या यह सच है?' भावनगर, गुजरात के सावन परमार, जिन्होंने हमले में पिता और भाई खो दिए, ने कहा, 'मैच की खबर सुनकर हम बहुत परेशान हो गए।'