नईदिल्ली (15 जनवरी 25)। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएससएस) के प्रमुख मोहन भागवत के ‘सच्ची स्वतंत्रता' वाले बयान की निंदा करते हुए बुधवार को कहा कि यदि वह इसी तरह का बयान देते रहे तो देश में उनका घूमना-फिरना मुश्किल हो जाएगा। खरगे ने कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के बाद पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि आरएसएस और भाजपा के लोगों को (1947 में मिली) आजादी याद नहीं है क्योंकि उनके वैचारिक पूर्वजों का स्वतंत्रता आंदोलन में कोई योगदान नहीं है। भागवत ने सोमवार को कहा था कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि ‘प्रतिष्ठा द्वादशी' के रूप में मनाई जानी चाहिए क्योंकि अनेक सदियों से दुश्मन का आक्रमण झेलने वाले देश को सच्ची स्वतंत्रता इसी दिन मिली थी। खरगे ने भागवत पर निशाना साधते हुए कहा कि यह शर्म की बात है कि आजादी मिलने के बाद वह इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने आरएसएस और भाजपा का उल्लेख करते हुए कहा, '(आजादी के लिए) वो कभी लड़े नहीं, कभी जेल नहीं गए, इसलिए उन्हें आजादी के बारे में कुछ याद ही नहीं है... हमारे लोग लड़े थे, जान गंवाई थी, इसलिए हम आजादी को याद करते हैं।' खरगे ने कहा, 'भागवत के बयान की मैं निंदा करता हूं और वह अगर ऐसे ही बयान देते रहे तो हिंदुस्तान में उनका घूमना-फिरना बड़ा मुश्किल हो जाएगा।' बाद में उन्होंने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, 'कई विभाजनकारी ताकतों, जिनका आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, ने बाद में संविधान, तिरंगा, अशोक चक्र से लेकर समाज की प्रगति के लिए बन रहे कायदे-कानूनों तक का विरोध किया। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- जब राम मंदिर बना, तब देश को आजादी मिली। वहीं नरेंद्र मोदी को लगता है कि जब 2014 में वह प्रधानमंत्री बने, तब देश को आजादी मिली। यह शर्म की बात है।'