नईदिल्ली (25 मई 25)। 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर चल रही बयानबाजी ने सियासी गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद हस्तक्षेप करते हुए बीजेपी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अपनी वाणी पर संयम रखें और गैरजरूरी बयान देने से बचें। उन्होंने कहा कि कुछ भी, कहीं भी बोलना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की हालिया बैठक में पीएम मोदी ने यह संदेश सीधे तौर पर नेताओं को दिया। उनका कहना था कि सेना के पराक्रम और सरकार की रणनीति की आड़ में किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदार टिप्पणी न की जाए।
बैठक के दौरान शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एक प्रस्ताव रखा, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारतीयों के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला बताया गया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की गई और कहा गया कि उन्होंने हमेशा सशस्त्र बलों का समर्थन किया है। साथ ही 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। लेकिन इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया कि कोई भी नेता इस ऑपरेशन पर अनावश्यक और भड़काऊ बयान न दे। उन्होंने यह बात शायद हरियाणा और मध्यप्रदेश के नेताओं के हालिया बयानों के चलते कही।
हरियाणा के बीजेपी सांसद रामचंद्र जांगड़ा और मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा एवं मंत्री विजय शाह के बयान विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। रामचंद्र जांगड़ा के एक बयान को लेकर आरोप है कि उन्होंने शहीदों और उनकी पत्नियों पर अमर्यादित टिप्पणी की। वहीं जगदीश देवड़ा ने सेना की कार्रवाई को लेकर बयान देकर पार्टी को मुश्किल में डाल दिया। विजय शाह का एक बयान सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल हुआ, जिसमें उन्होंने एक शहीद कर्नल की पत्नी पर अनुचित टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और दोषी नेताओं को पार्टी से बाहर करने की मांग की है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखा हमला करते हुए कहा कि बीजेपी नेताओं में शहीदों और सेना के खिलाफ बयानबाजी की होड़ लग गई है। खरगे ने कहा, 'मोदी जी कहते हैं कि उनकी रगों में सिंदूर है। अगर ऐसा है तो उन्हें महिलाओं के सम्मान के लिए इन नेताओं को पार्टी से बाहर करना चाहिए।' कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी अब इतनी असंवेदनशील हो चुकी है कि सुरक्षा चूक को नजरअंदाज कर रही है और शहीदों के परिवारों पर उंगली उठा रही है।