ओटावा (07 जनवरी 25)। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लिबरल पार्टी के कई सांसद सार्वजनिक रूप से उनसे पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे। कनाडा में प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे के बाद उनके 10 साल पुरानी सत्ता का अंत हो गया। ट्रूडो ने भारतीय समयानुसार रात करीब 10 बजे इस्तीफे का एलान किया। जस्टिन ट्रूडो के इस्तीफे से पहले एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष के कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया। ट्रूडो के अलावा वित्त मंत्री भी इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में कनाडा की राजनीति में अस्थिरता बढ़ने के संकेत हैं।
सोमवार सुबह (स्थानीय समय के मुताबिक़) प्रेस कॉन्फ़्रेंस में जस्टिन ट्रूडो ने इस्तीफ़े की घोषणा करते हुए कहा, ''प्रधानमंत्री के रूप में हर एक दिन सेवा करना मेरे लिए गर्व की बात रही, हमने महामारी के दौरान सेवा की, मज़बूत लोकतंत्र के लिए काम किया, बेहतर कारोबार के लिए काम किया। आप सभी को पता है कि मैं फ़ाइटर हूं। 'निवर्तमान प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें कनाडा की चुनावी प्रणाली को बदलने में सक्षम नहीं होने का अफसोस है'। ट्रूडो की पार्टी के अंदर विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के प्रस्ताव की घोषणा की। उप प्रधान मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने दिसंबर के मध्य में अप्रत्याशित रूप से पद छोड़ दिया, जिसमें ट्रम्प के राष्ट्रपति पद और टैरिफ प्रस्तावों पर ट्रूडो के साथ मतभेदों का हवाला दिया गया। लेकिन चुनावों में इसकी लोकप्रियता गिरने के कारण पार्टी के भीतर से ट्रूडो पर दबाव पहले से ही बढ़ रहा था।