लखनऊ (06 जून 26)। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गाजीपुर में पुलिस मुठभेड़ में कमलेश बिंद उर्फ कमलेश चौधरी की मौत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए दावा किया कि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश मुख्य आरोपी नहीं था, फिर भी उसका 'एनकाउंटर' कर दिया गया। गाजीपुर जिले में एक होटल व्यापारी की हत्या के मामले में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश कमलेश बिंद बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक 'निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल' (निषाद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. निषाद ने कहा, 'मेरा स्पष्ट मानना है कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। यदि कमलेश बिंद ने कोई अपराध किया था, तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा मिलनी चाहिए थी। क्योंकि विनीत राय हत्याकांड में कमलेश बिंद कहीं से भी मुख्य आरोपी नहीं था।' डॉ निषाद ने कहा कि "यदि एनकाउंटर करना ही था, तो मुख्य आरोपियों का किया जाना चाहिए था। मैं गाजीपुर पुलिस की इस कार्रवाई से पूर्णतः असंतुष्ट हूं। मंत्री ने कहा, 'मैं गाजीपुर पुलिस और वहां के पुलिस कप्तान को चुनौती देता हूं कि यदि आपकी पुलिसिया कार्रवाई सही है, तो दोनों मुख्य आरोपियों का एनकाउंटर करके दिखाइए। मुझे पता है कि आप ऐसा कर ही नहीं सकते।' संजय निषाद ने पुलिस से कई सवाल भी किए। उन्होंने पूछा कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में की गई? निषाद ने दावा किया कि कमलेश बिंद की पत्नी स्वयं यह कह रही है कि उसके सामने उसके पति को थाने में मारा-पीटा गया और उसके बाद ले जाकर मार दिया गया। उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि मृतक के शव को ले जाते समय पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? मंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो वह स्वयं एसपी के विरोध में न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा, 'हम सरकार के साथ अपने समाज की रक्षा के लिए खड़े हैं, लेकिन यदि आप रक्षक के बजाय भक्षक बनकर कार्रवाई करेंगे, तो हमें इस विषय पर विचार करना होगा। इस बात को मैं स्वयं मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखूंगा तथा जहां तक मुझे इसके संबंध में सूचना देनी होगी, मैं वह दूंगा।'