Wednesday, 30 Sep 2026

करगिल युद्ध के 25 साल: वायुसेना ने 'ऑपरेशन सफेद सागर' को याद किया

सरसावा (15 जुलाई 24)। भारतीय वायुसेना ने 25 साल पहले हुए करगिल युद्ध में अपनी भूमिका को रविवार को याद किया। इसने दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में थलसेना के प्रयासों को मजबूत करने के लिए हजारों लड़ाकू मिशन और हेलीकॉप्टर उड़ानों को अंजाम दिया था। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वायुसेना देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों के सम्मान में 12-26 जुलाई तक वायुसेना स्टेशन सरसावा में 'करगिल विजय दिवस रजत जयंती' मना रही है। भारत ने 1999 में दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र में लड़ी गई इस लड़ाई में पाकिस्तान को धूल चटा दी थी।

वायुसेना प्रमुख एअर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने राष्ट्र की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि के रूप में शनिवार को वायुसेना स्टेशन स्थित युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया और उनसे बातचीत की। बयान में कहा गया कि इस दौरान एक शानदार एयर शो का आयोजन किया गया जिसमें आकाश गंगा टीम, जगुआर, एसयू-30 एमकेएल और राफेल लड़ाकू विमानों ने भाग लिया। शहीद नायकों की स्मृति में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर ने ‘मिसिंग मैन फॉर्मेशन' उड़ान भरी। इस अवसर पर चीता और चिनूक जैसे हेलीकॉप्टरों ने भी प्रदर्शन किया।

इस दौरान ‘एअर वॉरियर ड्रिल टीम' और वायुसेना बैंड ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम को पांच हजार से अधिक दर्शकों ने देखा, जिनमें स्कूली बच्चे, सहारनपुर क्षेत्र के स्थानीय निवासी, भूतपूर्व सैनिक, गणमान्य नागरिक और रुड़की, देहरादून तथा अंबाला स्थित रक्षा प्रतिष्ठानों के कर्मी शामिल थे। बयान के अनुसार, भारतीय वायुसेना के पास अपने वीर वायु योद्धाओं के साहस और बलिदान की गौरवपूर्ण विरासत है, जिन्होंने 1999 के करगिल युद्ध में वीरता से लड़ाई लड़ी थी। वास्तव में यह सैन्य विमानन के इतिहास में एक मील का पत्थर था।

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