नईदिल्ली (27 जनवरी 25)। भारत के 76वे गणतंत्र दिवस पर रविवार को आयोजित भव्य परेड में कर्तव्य पथ पर देश की सैन्य शक्ति के साथ ही सांस्कृतिक विविधता, सरकारी योजनाओं की सफलता और महिला सशक्तीकरण की झलक देखने को मिली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्य अतिथि के रूप में पधारे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य स्थल आए।
समारोह में मुर्मू के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री मोदी सहित उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी और देश-विदेश के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए। परेड समारोह के लिए मुर्मू और सुबियांतो पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचे। यह परंपरा 40 साल के अंतराल के बाद 2024 में फिर से शुरू की गई थी। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि हैं। इसके साथ ही वह विश्व के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शुमार हो गए जिन्होंने पिछले सात दशकों में देश के सबसे बड़े समारोह की शोभा बढ़ाई है। सुबियांतो गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने वाले इंडोनेशिया के चौथे राष्ट्रपति हैं। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में, भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 76 वें गणतंत्र दिवस पर सफेद कुर्ता-पायजामा के साथ गहरे भूरे रंग का बंद गले का कोट और लाल-पीले रंग का साफा पहना तथा विशिष्ट अवसरों पर चमकीला व रंग-बिरंगा साफा पहनने की अपनी परंपरा को जारी रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परेड के समापन के बाद कर्तव्य पथ पर चलकर एक नई परंपरा को जारी रखा। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया और उनके पास से गुजरते हुए दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी को देखकर देशभक्ति से ओत-प्रोत दर्शक भारत माता की जय के नारे लगा रहे थे। इसी बीच प्रधानमंत्री भी कर्तव्य पथ के दूसरी ओर पहुंचे, जहां उत्साहित भीड़ ने उनका स्वागत किया और इस पल को अपने कैमरों में कैद किया।