बेंगलुरु (16 मई 24)। बेंगलुरू की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को जद (एस) विधायक एवं कर्नाटक के पूर्व मंत्री एच. डी. रेवन्ना को यौन उत्पीड़न मामले में अंतरिम जमानत दे दी। रेवन्ना और उनके बेटे एवं सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ 28 अप्रैल को हासन जिले के होलेनरसीपुर टाउन पुलिस थाने में 47 वर्षीय एक घरेलू सहायिका के यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। ऐसा बताया जाता है कि प्रज्वल 27 अप्रैल को जर्मनी रवाना हो गये थे और वह अभी भी इस मामले में पेश नहीं हुए हैं। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि 66 वर्षीय विधायक के घर पर पिता-पुत्र ने उसका कथित तौर पर यौन शोषण किया था।
प्रज्वल के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों और संबंधित मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूर्व मंत्री को हिरासत में दिये जाने का अनुरोध किया था। रेवन्ना के अधिवक्ताओं ने मामले में अग्रिम जमानत का अनुरोध किया। हालांकि, 42वें अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालत (एसीएमएम) ने मामले की सुनवाई की और रेवन्ना को शुक्रवार तक अंतरिम राहत दी। एसआईटी ने जद (एस) के संरक्षक एवं पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के बेटे रेवन्ना और प्रज्वल को जांच में शामिल होने के लिए दो नोटिस भेजे थे, लेकिन दोनों इसमें शामिल नहीं हुए।
रेवन्ना ने बृहस्पतिवार को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था और एसआईटी ने इस पर आपत्ति जताई थी और उनकी हिरासत या उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का अनुरोध किया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद शुक्रवार को मामले की दोबारा सुनवाई करने का फैसला किया और तब तक रेवन्ना को राहत दे दी। निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए यहां की एक विशेष अदालत ने अपहरण के एक मामले में जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के नेता रेवन्ना की जमानत याचिका सोमवार को मंजूर कर ली थी। इसके बाद रेवन्ना को जेल से रिहा कर दिया गया था।