नईदिल्ली (06 जून 26)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 'जनता के भारी आक्रोश' ने कांग्रेस को कर्नाटक में अपना मुख्यमंत्री बदलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने विपक्षी दल पर पिछले 12 वर्षों के दौरान अव्यवस्था व अनिश्चितता फैलाने और इनमें राजनीतिक और चुनावी अवसर तलाशने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान दशक विश्व के लिए संकट का दौर साबित हो रहा है और उन्होंने कोविड-19 महामारी, युद्धों और अब पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर पैदा हुए ऊर्जा संकट का उल्लेख किया।
हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने अपने 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों के माध्यम से इन सभी चुनौतियों का दृढ़ता से सामना किया है। वह गुजरात में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करने के बाद, सूरत में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट इस बात को रेखांकित करता है कि ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता कितनी महत्वपूर्ण है, और उन्होंने पिछले 12 वर्षों में भारत द्वारा इस मामले में हासिल की गई क्षमता के महत्व को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बार-बार जनादेश दिया है क्योंकि उन्हें भाजपा सरकार की विकास पहल और देश के लिए उसके विकासोन्मुखी एजेंडे पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में हाल में हुए चुनावों में तथा देश भर में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में भाजपा नीत राजग को मिले भारी जनादेश में यह प्रदर्शित हुआ है। मोदी ने कहा, 'हर चुनाव एक ही संदेश देता है: देश अराजकता, अनिश्चितता या निराशा को पसंद नहीं करता। पिछले 12 वर्षों में कांग्रेस अपने द्वारा फैलाई गई अव्यवस्था और अनिश्चितता के बीच अवसर तलाश रही है, लेकिन देश की जनता ने उसे बार-बार मुंहतोड़ जवाब दिया है।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात की जनता ने कांग्रेस को हाशिये पर धकेल दिया है, और जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है, वहां की जनता उसके कुशासन से तंग आ चुकी है। उन्होंने हाल में हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों का हवाला देते हुए यह बात कही। मोदी ने कहा कि इन राज्यों की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अव्यवस्था के बीच अवसर तलाशने की कांग्रेस की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने 3 जून को कर्नाटक में सिद्धरमैया के स्थान पर डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का जिक्र करते हुए कहा, 'जहां भी कांग्रेस पार्टी सत्ता में है, लोग नाखुश हैं।'