इंदौर (09 दिसंबर 25)। शहर में बढ़ते अपराध, नशाखोरी, भ्रष्टाचार तथा मेट्रो परियोजना की अव्यवस्थित प्लानिंग के विरोध में युवक कांग्रेस ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकतार्ओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का उपयोग करना पड़ा।
सोमवार सुबह बड़ी संख्या में युवक कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट की तरफ बढ़ रहे थे। पुलिस ने पहले ही बेरिकेडिंग कर दी थी। युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता अपराध पर लगाम लगाओ और नशा माफिया पर कार्रवाई करो जैसे नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर की ओर बढ़े। युवा कांग्रेस के दौरान शहर अध्यक्ष अमित पटेल सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गये और कलेक्टर कार्यालय की और कूच करने लगे, इसी दौरान पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, इस कारण भगदड़ मच गई, और की कांग्रेसी भगदड़ के दौरान रोड़ पर गिर गये ।बैरिकेड्स लांघने की कोशिश में कार्यकतार्ओं और पुलिस के बीच झड़प हुई। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछारों से भीड़ को पीछे हटाया। युवक कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल ने आरोप लगाया कि शहर में चोरी, लूट, महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामले तथा युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने कहा कि इंदौर में नशा मुक्त अभियान चलाने और नशा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मेट्रो प्रोजेक्ट की प्लानिंग पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि निर्माण कार्य अनियोजित तरीके से चल रहा है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बाधित हो रही है और नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह हो रही तोड़फोड़ और हादसों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
भाजपा नेताओं के संरक्षण में ढाबों पर मिल रही शराब- राज्यपाल मंगुभाई पटेल के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए युवक कांग्रेसियों ने कहा कि शराब दुकानों के बाहर अघोषित अहाते संचालित हो रहे हैं, शराब माफियों की सांठगांठ से शराब दुकानों के बाहर ही खड़े होकर शराब पी और ढाबों पर भाजपा नेताओं के संरक्षण में शराब बेची व परोसी जा रही है। इधर, कांग्रेस ने विशेष गहन पुनरीक्षण में 5.68 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए।