हैदराबाद (28 मई 24)। तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव अपनी बेटी और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के. कविता को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मामले से बचाने के लिए ‘बीआरएस विधायकों' की खरीद-फरोख्त मामले का इस्तेमाल कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को समझौते के लिए दबाव बनाने में करना चाहते थे। यह खुलासा फोन टैपिंग मामले में गिरफ्तार एक पूर्व पुलिस अधिकारी के इकबालिया बयान से हुआ है।
पूर्व पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पी राधा किशन राव के इकबालिया बयान के अनुसार, 'पेड्डायाना' (बीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव का अप्रत्यक्ष संदर्भ) अपनी पार्टी के विधायकों को तोड़ने के कथित प्रयास के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी एल संतोष की गिरफ्तारी चाहते थे।' राव के बयान में कहा गया है, ‘एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था और केसीआर मामले को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता संतोष की गिरफ्तारी चाहते थे ताकि भाजपा समझौता कर सके और इसका इस्तेमाल उनकी बेटी एमएलसी के कविता पर ईडी मामले से छुटकारा पाने के लिए किया जा सके।'
बयान के मुताबिक, ‘हालांकि कुछ पुलिस अधिकारियों की अक्षमता के कारण, एक महत्वपूर्ण व्यक्ति पुलिस की पकड़ से बच गया और बाद में मामला हाईकोर्ट में चला गया, जहां गिरफ्तारी न करने के आदेश जारी किए गए और फिर एसआईटी से मामला सीबीआई को सौंप दिया दिया गया।' राधाकिशन राव के बयान के मुताबिक, पेड्डायाना (केसीआर) इस बात से बेहद नाराज थे कि उनकी उम्मीद के मुताबिक काम पूरा नहीं हो सका। पूर्व पुलिस उपायुक्त ने कहा कि वह मामले के संबंध में अधिक खुलासा नहीं करेंगे क्योंकि उन पर ‘पेड्डायाना' का बहुत बड़ा कर्ज है।