Monday, 28 Sep 2026

कश्मीर के बॉर्डर टूरिज्म को मिली नई उड़ान

जम्मू (13 जुलाई 26)। कभी अपनी रणनीतिक अहमियत के लिए पहचाने जाने वाले, उत्तरी कश्मीर में लाइन ऑफ़ कंट्रोल के पास बसे गांव अब पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहे हैं। पर्यटक यहां के खूबसूरत नज़ारों, समृद्ध संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली का अनुभव करना चाहते हैं। घाटी में बॉर्डर टूरिज़्म तेज़ी से एक नए आकर्षण के तौर पर उभर रहा है। गुरेज की खूबसूरत घाटियों से लेकर केरन, माछिल, तंगधार और उरी जैसे सीमावर्ती गांवों तक, पर्यटक अब कश्मीर की आम जगहों से हटकर ऐसी शांत जगहों की तलाश कर रहे हैं, जहां उन्हें प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय परंपराओं और ग्रामीण मेहमाननवाजी का संगम देखने को मिले।

अधिकारियों का कहना है कि टूरिज़्म इवेंट्स और आउटरीच प्रोग्राम के जरिए इन कम मशहूर जगहों को बढ़ावा देने के लिए टूरिज़्म डिपार्टमेंट और भारतीय सेना की लगातार कोशिशों से इन्हें कश्मीर के टूरिज़्म मैप पर लाने में मदद मिली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटी के जाने-माने टूरिस्ट रिसॉर्ट्स के उलट, सीमावर्ती गांव पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहने, पारंपरिक खाने का स्वाद लेने, स्थानीय रीति-रिवाजों को देखने और धीमी गति वाली जीवनशैली का अनुभव करने का मौका देते हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या से रोज़गार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, स्थानीय लोग पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए होमस्टे, रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट सर्विस और छोटे-मोटे कारोबार शुरू कर रहे हैं। पर्यटक यहां कुछ अलग अनुभव करने आते हैं। यहां की परंपराएं, मेहमाननवाज़ी और प्राकृतिक माहौल पर्यटकों पर गहरी छाप छोड़ते हैं। 


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