जम्मू (30 अप्रैल 25)। सरकार ने कश्मीर घाटी के 87 में से 48 पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ जगहों पर संदिग्ध गतिविधियों के चलते यह कदम उठाया गया है। इस फैसले के बाद श्रीनगर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में भी तेज गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं, कई इलाकों में संदिग्ध घरों पर छापेमारी का सिलसिला दूसरे हफ्ते भी जारी है।
रिपोर्ट के अनुसार जिन पर्यटन स्थलों को बंद किया गया है, वे हैं: गुलमर्ग, सोनमर्ग, डल झील, यूसमार्ग, तौसीमैदान, डूडपटरी, अहरबल, कौसरनाग, बंगस, करिवान, डिवेर चांदिगाम, बंगस वैली, वुलर/वतलाब, रामपोरा और राजपोरा, चरार शरीफ, मुंडीजी-हमाम-मारकूट वाटरफॉल, खंपू, बोसनिया, विजिटॉप, सन टेम्पल, वेरीनाग गार्डन, सिन्थन टॉप, मरगन टॉप, अकड़ पार्क, हब्बा खातून पॉइंट, बाबारेशी, रिंगावली, गोगलदारा, बदरकोट, श्रुंज वाटरफॉल, कमान पोस्ट, नामबलन वाटरफॉल, इको पार्क खडनियार, संगरवानी, जामिया मस्जिद, बादामवारी, राजोरी कदल होटल कनाज़, आली कदल जे जे फूड रेस्टोरेंट, आइवरी होटल, पदशाहपाल रिसॉर्ट्स और रेस्टोरेंट, चेरी ट्री रिसॉर्ट (फकीर गूजरी), नॉर्थ क्लिफ कैफे और रिट्रीट बाय स्टे पैटर्न, फॉरेस्ट हिल कॉटेज, इको विलेज रिसॉर्ट (दारा), अस्तानमार्ग व्यू पॉइंट, अस्तानमार्ग पैरा ग्लाइडिंग, मामनेथ और महादेव हिल्स, बौद्ध मठ, डाचीगाम – ट्राउट फार्म/फिशरीज़ फार्म से आगे, अस्तानपोरा (खासकर क़यामगाह रिसॉर्ट), लछपात्रि, हंग पार्क और नरानाग।
सरकार का कहना है कि बाकी पर्यटन स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और बंद किए गए स्थानों को हालात सामान्य होने पर फिर से खोला जाएगा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी की एक विशेष टीम घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रही है और घटना के समय वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ का सिलसिला भी जारी है।