नईदिल्ली (28 मार्च 25)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को पार्टी के जिला इकाई प्रमुखों की बैठक में कहा कि वर्तमान समय में एक कठिन वैचारिक लड़ाई चल रही है, लेकिन उन्हें यह पता होना चाहिए कि कांग्रेस ने उस ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ाई लड़ी थी, जिसकी तुलना में भाजपा और आरएसएस एक 'मजाक' हैं। उन्होंने जिला कांग्रेस अध्यक्षों की तीन निर्धारित बैठकों में से पहली बैठक में इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस की बुनियाद को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। अगली दो बैठकों का आयोजन तीन और चार अप्रैल को होगा।
बैठक में उन्होंने कहा, 'भारत के दो दृष्टिकोण हैं, भारत की दो अवधारणाएं हैं। एक तरफ आरएसएस की अवधारणा है - तानाशाही, पदानुक्रम, पिछड़ी जाति का दमन, कमजोर वर्गों का दमन, महिलाओं का दमन, महिलाओं का अपमान और दूसरी तरफ कांग्रेस की विचारधारा है, जिसने हमें आजादी दी, जो सभी के साथ समान व्यवहार करती है।' बैठक के बाद अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'उनके बिना, पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती, सफल नहीं हो सकती। हमारी लड़ाई सिर्फ आरएसएस-भाजपा के खिलाफ नहीं है, यह एक ऐसे भारत के लिए है जहां हर नागरिक, हर समुदाय को सपने देखने और हासिल करने का अधिकार है। साथ मिलकर, हम एक मजबूत कांग्रेस और एक निष्पक्ष भारत का निर्माण करेंगे।' अपने व्हाट्सएप चैनल पर साझा किए गए बैठक के एक वीडियो में, गांधी को यह कहते हुए सुना जाता है कि कांग्रेस एक वैचारिक लड़ाई लड़ रही है। गांधी ने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा सभी जातियों, सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करती है और भारत को एक निष्पक्ष और सामंजस्यपूर्ण स्थान बनाने की आकांक्षा रखती है।