Tuesday, 29 Sep 2026

कांग्रेस का फैसला: ‘वंदे मातरम्’ के दो अंतरे ही गाएंगे

नईदिल्ली (20 अगस्त 26)। दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें भविष्य की रणनीतियों और कई ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में सीडब्ल्यूसी के सदस्यों, स्थायी व विशेष आमंत्रित सदस्यों और चार मुख्यमंत्रियों सहित 88 से अधिक नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें से 33 सदस्यों ने अपने विचार साझा किए।

बैठक में 'वंदे मातरम्' गाने को लेकर जारी सियासी विवाद पर चर्चा की गई, जिसके बाद कांग्रेस ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। पार्टी ने निर्णय लिया है कि कांग्रेस के सदस्य 1937 में अपनाए गए मूल 'वंदे मातरम्' के केवल पहले दो अंतरे (पद) ही गाएंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि इस मुद्दे पर कोई भ्रम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तत्कालीन प्रमुख नेताओं जैसे सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल और अन्य ने 1937 में ही यह तय किया था कि वंदे मातरम् के केवल दो पद ही गाए जाएंगे और पार्टी कार्यकर्ता आज भी इसी का पालन करते हैं। उन्होंने 15 अगस्त को हुई घटना को महज एक 'संवाद की कमी' (कम्युनिकेशन गैप) करार दिया।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से माना कि संसद का पिछला सत्र विपक्ष के लिए शत-प्रतिशत सफल रहा, जहां पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह से बचाव की मुद्रा में नजर आई। इसके साथ ही, सीडब्ल्यूसी ने अपनी सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को निर्देश दिया है कि वे 'राम मंदिर चढ़ावा चोरी' के मुद्दे पर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन आयोजित करें। के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिए करने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं और कांग्रेस इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाएगी।

Tags:

Follow us

This question is not available..!