वाशिंगटन (02 अप्रैल 26)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा संकेत दिया है कि वे NATO से अमेरिका को बाहर निकालने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। यह विवाद खासतौर पर ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के बाद बढ़ा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि अमेरिका को NATO के साथ अपने रिश्तों की 'दोबारा समीक्षा' करनी पड़ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय सहयोगी जरूरत के समय अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का उपयोग नहीं करने देते, जिससे यह गठबंधन एकतरफा हो गया है।
ट्रंप ने NATO को 'पेपर टाइगर' बताते हुए कहा कि वह इस गठबंधन से कभी प्रभावित नहीं हुए और अब इससे बाहर निकलने का विकल्प गंभीरता से सोच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि व्लादिमीर पुतिन भी NATO की कमजोरी को समझते हैं। वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसका जवाब देते हुए NATO को “दुनिया का सबसे प्रभावी सैन्य गठबंधन” बताया और साफ किया कि उनका देश ईरान युद्ध में शामिल नहीं होगा। यह पूरा विवाद दिखाता है कि अमेरिका और यूरोप के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं, खासकर तब जब NATO की भूमिका यूरोप के बाहर के युद्धों में स्पष्ट नहीं है।