नईदिल्ली (15 जुलाई 26)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने दुश्मन के कब्जे से हर चोटी, पहाड़ी और बंकर को दोबारा अपने नियंत्रण में लिया। उन्होंने कहा कि यह विजय भारत के उस अटूट संकल्प का प्रतीक है कि देश हमारी भूमि, पहचान और सम्मान पर किसी भी शत्रुतापूर्ण दुस्साहस का पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने यह बात दिल्ली के राष्ट्रीय समर स्मारक से लद्दाख के द्रास में कारगिल समर स्मारक तक मोटरसाइकिल अभियान को हरी झंडी दिखाते हुए कही। यह अभियान 1999 के ऑपरेशन विजय के 27 साल पूरे होने के मौके पर देश भर में हो रहे समारोहों का हिस्सा है। तेरह दिवसीय शौर्य विजय यात्रा में 28 प्रतिभागी शामिल हैं। इनमें रक्षा बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।
ये सभी उत्तरी हिमालय के दुर्गम भूभाग से गुजरते हुए 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। यह यात्रा 1999 के कारगिल युद्ध में विजय सुनिश्चित करने वाले भारतीय वीरों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। यात्रा का आदर्श वाक्य है 'एक सवारी, एक राष्ट्र, एक सलाम'। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अभियान के दौरान, प्रतिभागी राष्ट्रीय समर स्मारक की पवित्र मिट्टी से भरा कलश लेकर चलेंगे, जिसे शहीदों की स्मृति में कारगिल में अर्पित किया जाएगा। सिंह ने कहा, 'जब यहां (राष्ट्रीय समर स्मारक) की मिट्टी कारगिल की मिट्टी से मिलेगी, तो यह राष्ट्र की वर्तमान पीढ़ी की श्रद्धा और राष्ट्र के नायकों की वीरता के संगम का प्रतीक होगी।' उन्होंने सैन्यकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कहा कि इन सैनिकों ने 'अदम्य साहस, धैर्य, अनुशासन और अद्वितीय देशभक्ति का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है, जिसका विश्वभर की सेनाएं आज भी अध्ययन करती हैं और सम्मान करती हैं।' रक्षा मंत्री ने कहा, 'लगभग 20,000 फुट की ऊंचाई और शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस तक नीचे के तापमान में, हमारे सैनिकों ने साहस और दृढ़ता के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। उन्होंने दुश्मन के कब्जे से हर चोटी, पहाड़ी और बंकर को वापस ले लिया और तिरंगे का गौरव बनाए रखा।'