Wednesday, 30 Sep 2026

कृषि क्षेत्र में जबरदस्त बढ़त, भारत का GVA तीन गुना बढ़ा

हैदराबाद (30 जून 25)। भारत के कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों ने पिछले 12 सालों में बहुत अच्छी तरक्‍की की है। वित्त वर्ष 2012 में इस क्षेत्र का सकल मूल्य वर्धन (GVA) जहाँ करीब 1,500 हजार करोड़ रुपये था, वह वित्त वर्ष 2024 में बढ़कर 4,800 हजार करोड़ रुपये से भी ज़्यादा हो गया है।

यह जानकारी भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट से मिली है। इस रिपोर्ट के अनुसार, हाल के एक साल में ही कृषि क्षेत्र में 22% की तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है। कृषि अभी भी भारत की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत हिस्सा है। यह देश के GDP (सकल घरेलू उत्पाद) में करीब 16% योगदान देती है और 46% से ज़्यादा लोगों की रोज़ी-रोटी इसी पर निर्भर है। उत्पादन का कुल मूल्य (GVO) भी तेजी से बढ़ा है। यह 2012 में 1,900 हजार करोड़ रुपये था, जो 2024 में बढ़कर 3,000 हजार करोड़ रुपये हो गया-यानी 55% की वृद्धि। कृषि उत्पादन में सबसे बड़ा हिस्सा फसलों का है, जो कुल GVO का 54% से अधिक बनाती हैं। इनमें अनाज, फल और सब्ज़ियाँ सबसे ज़्यादा शामिल हैं। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में सबसे आगे है और देश के कुल कृषि GVA में 17% हिस्सा देता है। इसके बाद मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना और हरियाणा आते हैं। इन पांचों राज्यों का कुल योगदान 53% है। रिपोर्ट में वृद्धि के कारणों का साफ ज़िक्र नहीं किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रगति अच्छी बारिश (मानसून), बेहतर फसल उत्पादकता और सरकार की योजनाओं की वजह से हुई है, जिनका मकसद किसानों की आय बढ़ाना रहा है।


Tags:

Follow us

This question is not available..!