नईदिल्ली (20 मई 26)। दिल्ली हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कोर्ट ने हाई कोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर अपमानजनक और आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और कई अन्य 'आप' नेताओं को आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी किया है।
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई की। अदालत ने सभी संबंधित नेताओं को अपना रुख स्पष्ट करने और जवाब दाखिल करने के लिए 1 महीने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 4 अगस्त को होगी। हाई कोर्ट ने जिन प्रमुख 'आप' नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, उनमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और अन्य नेता शामिल हैं।
यह पूरा विवाद आबकारी नीति मामले से जुड़ा हुआ है। दरअसल, जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने 14 मई को खुद इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इन नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी। जस्टिस शर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कानूनी रास्ते अपनाने के बजाय उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर बदनामी का एक 'सोचा-समझा अभियान' चलाया।