Wednesday, 07 Oct 2026

कैंसर है इजरायल..इसे जड़ से मिटाना जरूरी: ईरान

तेहरान (18 जुलाई 25)। ईरान और इज़रायल के बीच हाल ही में भले ही 12 दिन की जंग के बाद सीजफायर लागू हुआ हो, लेकिन जुबानी हमले अब भी जारी हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इज़रायल को एक बार फिर खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यह कैंसर की तरह है, जिसे जड़ से खत्म करना जरूरी है।खामेनेई ने इज़रायल की तुलना कुत्ते से करते हुए कहा कि यह अमेरिका के पट्टे से बंधा है और वही इसके हर फैसले पर असर डालता है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका और उसके पालतू इज़रायल से भिड़ने में ईरान को कोई परहेज नहीं है और उसे पीछे नहीं हटना चाहिए।

खामेनेई ने दावा किया कि भले ही फिलहाल युद्धविराम हो, लेकिन इज़रायल पर भरोसा नहीं किया जा सकता। कभी भी हमला हो सकता है और अगर हमला हुआ तो ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने कहा कि बीते महीने की 12 दिन की लड़ाई में भी ईरान ने इज़रायल को कड़ा सबक सिखाया था और अगली बार जवाब और सख्त होगा।गौरतलब है कि इस संघर्ष से पहले अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। अमेरिका का दावा है कि इससे ईरान का यूरेनियम भंडार काफी घटा, लेकिन इज़रायल की खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ईरान के पास अब भी इतना यूरेनियम है कि वह कुछ महीनों में अपनी ताकत वापस पा सकता है।

इज़रायल ने हाल ही में सीरिया और लेबनान में भी सैन्य कार्रवाई की है। गाजा में भी शांति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। इज़रायल ने यह शर्त रखी है कि अगर गाजा के लोग दक्षिण के सीमित इलाके में बस जाएं तो संघर्ष खत्म किया जा सकता है, लेकिन इस प्रस्ताव को लेकर सहमति बनती नहीं दिख रही।खामेनेई का यह बयान साफ इशारा करता है कि ईरान फिलहाल किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है और वह अमेरिका और इज़रायल दोनों से टकराव को तैयार रहेगा।

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