भोपाल (10 जुलाई 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक बुधवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) के लिए वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्य आयोजना में अनुमोदित कार्यों के क्रियान्वयन के लिए 1478 करोड़ 38 लाख में से 1038 करोड़ रूपये के उपयोग की स्वीकृति दी गयी। इस राशि का 80 प्रतिशत वन एवं वन्यप्राणी प्रबंधन एवं 20 प्रतिशत वन और वन्यजीव संबंधी अधोसंरचना के सुदृढीकरण पर व्यय किया जाता है।
स्वीकृति अनुसार मध्यप्रदेश में विगत वर्षों के कार्यों के रख-रखाव, क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, लैण्डस्केप के आधार पर बिगड़े वनों का सुधार, नदियों के पुनर्जीवन के लिए उनके जलग्रहण क्षेत्र के वनीकरण, मृदा एव जल संरक्षण के कार्य, ग्रामीणों की आजीविका के लिए ग्रामों की सीमा से लगे वनक्षेत्रों में बांस प्रजाति सहित वृक्षारोपण, वन्यप्राणी संरक्षित क्षेत्रों के गांवों से स्वैच्छिक विस्थापन, बफर क्षेत्र सहित संरक्षित क्षेत्रों में रहवास का विकास, नगर वनों की स्थापना, वन एवं वन्यप्राणी संबंधी अधोसंरचना सुदृढीकरण और ग्रामीणों की क्षमता विकास से संबंधित कार्य किये जायेंगे।
इसके अलावा 66 नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना और 134 पदों के सृजन की स्वीकृति, लेक व्यू रेसीडेंसी होटल भोपाल के विकास के लिए अनुमोदन, विद्युत वितरण कंपनियों में 49 हजार 263 नवीन नियमित पदों की स्वीकृति, ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द उपार्जन की स्वीकृति, कृषकों की सिंचाई जलकर की राशि मे से ब्याज राशि माफ किए जाने का निर्णय, 3 नवीन राजस्व संभागों में क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना एवं चार नव गठित जिलों के लिये सात सहायक संचालक के पद निर्माण की स्वीकृति, विद्युत विकासकों के साथ पूर्व में मात्र वेरियेबल दर पर (5 या 10 प्रतिशत) विद्युत के क्रय के लिए निष्पादित विद्युत क्रय अनुबंध को समाप्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।