कोलकाता (28 सितंबर 24)। कोलकाता में अब एक आईएएस अधिकारी की पत्नी से रेप के मामले में पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगा है। कोर्ट में सवाल उठाया गया कि रेप की शिकायत दर्ज होने के बाद भी मेडिकल जांच क्यों नहीं कराई गई? पिछले जुलाई में उस घटना में निचली अदालत के आदेश पर आरोपी जमानत पर था। कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को जमानत आदेश रद्द कर दिया। जांच अधिकारी का भी तबादला कर दिया गया है। ये घटना 14 और 15 जुलाई 2024 की रात की है। इस दौरान 11:30 बजे महिला के साथ बंदूक की नोक पर रेप किया गया। पीड़िता का आरोप है कि वह अगले दिन पुलिस के पास पहुंची जहां पर उसको कई घंटे इंतजार कराया गया। यही नहीं पुलिस ने इस केस की गंभीरता को कम करते हुए कम गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
आरोपी 14-15 जुलाई की रात 11:30 बजे पीड़िता के घर में घुसा और बंदूक की नोक पर पीड़िता के साथ बलात्कार किया।घटना के दूसरे दिन पीड़िता ने कोलकाता के लेक पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन शिकायत लेने से पहले उसे घंटों इंतजार करवाया गया। पुलिस ने अपराध की गंभीर प्रकृति के बावजूद कम गंभीर वाली धाराएं लगाई। राज्य से बाहर कार्यरत आईएएस अधिकारी की पीड़िता पत्नी ने आरोप लगाया था कि यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बावजूद शुरुआत में मामूली आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उस शिकायत पर कलकत्ता हाई कोर्ट में केस दायर किया गया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करने वाले जस्टिस राजर्षि भारद्वाज ने कहा, ‘शुरुआत में एफआईआर सही तरीके से दर्ज न करने और चार्जशीट को विकृत करने के आरोप इस जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है।