Thursday, 01 Oct 2026

क्षिप्रा में किसानों के प्रदर्शन पर पुलिस की सख़्ती

देवास (21 जुलाई 26)। इंदौर में पश्चिमी रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही कृषि भूमि के बदले चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को करणी सेना परिवार और बड़ी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ भोपाल कूच का प्रयास किया। हालांकि, क्षिप्रा चौराहे पर पुलिस और प्रशासन ने किसानों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

किसानों का आरोप है कि उन्हें रोकने के लिए प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान अफरा-तफरी मच गई और किसानों के अनुसार सात लोग घायल हुए। घटना के बाद किसान बरलाई जागीर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। करणी सेना परिवार के इंदौर जिला अध्यक्ष ऋषिराज सिंह सिसोदिया ने कहा कि प्रभावित किसान पिछले तीन वर्षों से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के समक्ष लगातार ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है और किसानों के साथ बल प्रयोग उचित नहीं है।

सिसोदिया ने दावा किया कि परियोजना से 39 गांवों के सैकड़ों किसान प्रभावित हो रहे हैं और लगभग 4,400 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहण के दायरे में है। किसानों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में जमीन की बाजार कीमत एक करोड़ से साढ़े तीन करोड़ रु. प्रति एकड़ तक है, जबकि अधिग्रहण के बदले 18 लाख से 42 लाख रु. प्रति एकड़ तक मुआवजा प्रस्तावित किया गया है, जो काफी कम है। आंदोलनरत किसानों का कहना है कि वे सड़क निर्माण या विकास कार्यों के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि उपजाऊ और सिंचित कृषि भूमि के बदले उन्हें उचित और न्यायसंगत मुआवजा दिया जाए। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

Tags:

Follow us

This question is not available..!