इंदौर (18 सितंबर 25)। प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में आने वाले भक्त तेज धूप और बारिश के साथ वीवीआईपी कल्चर से भी परेशान हैं। यहां लाखों रुपए की दान राशि प्राप्त होती है, लेकिन आम भक्तों को सिर्फ धक्के और झिड़कियां खाने को मिलती है। गर्मी का मौसम हो या बारिश भक्तों के लिए छांह अथवा सिर छुपाने के लिए शेड की व्यवस्था नहीं है। बुधवार को भी मंदिर परिसर में सत्ताधीशों के एक कार्यक्रम की वजह से लोगों को भगवान के दर्शन करने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में खजराना गणेश मंदिर परिसर में एक कार्यम्रम आयोजित किया गया। यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में सेवा पखवाड़े के तहत प्रदर्शनी, रक्तदान शिविर और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कारण बुधवार सुबह से ही वीवीआईपी सुरक्षा के नाम पर मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था सीमित कर दी गई, इससे भक्तों को भारी परेशानियां हुईं। इस बीच दोपहर में अचानक बारिश होने की वजह से लोग सिर छुपाने के लिए जगह ढूंढ़ते रहे, लेकिन भीगने से बच नहीं सके। बीते दिनों दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान भी कई बार बारिश के चलते भक्तों को ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
दरअसल, मंदिर परिसर में कहीं भी ऐसा शेड नहीं है, जहां आकर भक्त बारिश और गर्मी से अपना बचाव कर सके। मंदिर परिसर की दुकानों के बाहर भी ऐसी व्यवस्था नहीं है, जबकि सूत्र बतातें हैं कि इन दुकानदारों से इस कार्य के लिए कुछ राशि ली गई थी। करीब तीन साल से अधिक समय बीतने के बाद भी यहां शेड नहीं लगाया गया है। यही नहीं अधिक बारिश होने पर इन दुकानों के सामने और मंदिर के प्रवेश द्वार के समक्ष काफी पानी जमा जाता है। परेशान दुकानदार और भक्तों कहना है कि मंदिर में हर महीने लाखों रुपए का दान प्राप्त होता है, लेकिन भक्तों की सुविधा को लेकर मंदिर प्रबंधन की कोई रूचि नहीं है।
जब कार्यक्रम से लौटने लगे लोग !
मंदिर परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आए लोग अचानक हुई बारिश के शिकार हो गए। जब परिसर में उन्हें सिर छुपाने की जगह नहीं मिली, तो सीएम के आने के पहले ही वे लौटने लगे। यह देख आयोजक लोगों से मिन्नतें करते नजर आए। बावजूद इसके यदि मंदिर प्रबंधन जुड़ा प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे पा रहें हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।