ओटावा (07 मई 25)। कनाडा, जो अब तक भारत के खिलाफ खालिस्तान समर्थकों को खुलेआम पनाह देता रहा है, अब खुद अपनी एकता को लेकर गंभीर संकट में घिरता दिख रहा है। अल्बर्टा प्रांत की प्रमुख डैनियल स्मिथ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगर नागरिकों द्वारा दी गई याचिका पर पर्याप्त हस्ताक्षर मिलते हैं, तो वे 2026 में कनाडा से अलग होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने के मुद्दे पर जनमत संग्रह कराएंगी। सोशल मीडिया पर अपने लाइव संबोधन में डैनियल स्मिथ ने साफ कहा कि वह खुद अलगाव की पक्षधर नहीं हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा अल्बर्टा की लगातार उपेक्षा और दमन ने अब वहां की जनता को मजबूर कर दिया है कि वे खुद तय करें कि उनका भविष्य कैसा होगा।
कनाडा के प्रांत अल्बर्टा की प्रमुख डैनियल स्मिथ ने सोमवार को कहा कि अगर जनता की ओर से पर्याप्त समर्थन मिला, तो वे 2026 में कनाडा से अलग होने पर जनमत संग्रह कराने के लिए तैयार हैं। यह कदम कनाडा के इतिहास में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। अपने साप्ताहिक सोशल मीडिया लाइवस्ट्रीम में बोलते हुए डैनियल स्मिथ ने कहा कि 'मैं व्यक्तिगत रूप से अलगाव की समर्थक नहीं हूं। लेकिन अगर जनता चाहती है और कानूनी रूप से पर्याप्त हस्ताक्षर एकत्र हो जाते हैं, तो मैं जनमत संग्रह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाऊंगी।' स्मिथ ने यह भी कहा कि उन्हें एक 'मजबूत और स्वायत्त अल्बर्टा' चाहिए, लेकिन कनाडा के भीतर। हालांकि, उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि 'कनाडा की सरकार ने बीते दशकों में हमारे प्रांत के साथ जैसा व्यवहार किया है, क्या हम और सहेंगे? ये निर्णय अब अल्बर्टा की जनता को लेना है।' कनाडा के कानून के तहत यदि किसी प्रांत में जनता द्वारा याचिका के ज़रिए संवैधानिक मुद्दे पर जनमत संग्रह की मांग होती है, और उस पर एक निश्चित संख्या में हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो प्रांतीय सरकार जनमत संग्रह की तारीख तय कर सकती है।डैनियल स्मिथ का बयान संकेत करता है कि अगर यह याचिका सफल रही, तो 2026 में अल्बर्टा की जनता यह तय करेगी कि वे कनाडा का हिस्सा बने रहना चाहते हैं या नहीं।