जयपुर (14 अप्रैल 25)। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली ने भारतीय जनता पार्टी पर धर्म और जाति के नाम पर लोगों को लड़ाने के एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता जूली ने कहा कि उनके जाने के बाद मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करने वाले भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा को पहले भी निलंबित किया गया था और उन्हें फिर से बहाल कर दिया गया था तथा एक महीने बाद उन्हें फिर से बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग सब समझते हैं। जूली ने अजमेर जिले के किशनगढ़ में संवाददाताओं से कहा, 'लोगों को कभी धर्म के नाम पर तो कभी जाति के नाम पर लड़ाने का एजेंडा चल रहा है।' उनकी यह टिप्पणी भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा द्वारा अलवर के राम मंदिर में गंगाजल छिड़कने के कुछ दिनों बाद आई है। अलवर के मंदिर में दलित नेता जूली पूजा करने गए थे।
आहूजा ने कहा था कि मंदिर में जाने वाले कांग्रेस नेताओं ने इसे अपवित्र कर दिया। जूली ने कहा, 'अलवर के मंदिर में गंगाजल छिड़कने के विवाद पर न तो मुख्यमंत्री और न ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने एक शब्द बोला। केवल विधायक ज्ञानदेव आहूजा को निलंबित किया गया और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। निलंबन पहले भी हुआ था, लेकिन वापस ले लिया गया था। यह निलंबन केवल दिखावा है। इसे भी वापस ले लिया जाएगा।' भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा था कि पार्टी आहूजा के बयान और कार्रवाई का समर्थन नहीं करती। रविवार को जयपुर से अजमेर जाते समय नेता प्रतिपक्ष कुछ देर के लिए किशनगढ़ में रुके। उन्होंने किशनगढ़ विधायक डॉ. विकास चौधरी के साथ राजकीय यज्ञ नारायण अस्पताल के ब्लड बैंक में आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लिया। जूली ने कहा कि चाहे मदन दिलावर का आदिवासियों का डीएनए टेस्ट करवाने का बयान हो या ज्ञानदेव आहूजा का मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करने का कृत्य, इन सबका एक तय एजेंडा है। उन्होंने कहा कि भाजपा जाति और धर्म के नाम पर लोगों को आपस में लड़ाने का खेल खेल रही है। जूली ने भाजपा की राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बार-बार कह रही है कि वह बिजली महंगी करेगी, पानी महंगा करेगी और पेंशन बंद कर देगी।