भोपाल (12 फरवरी 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने देश को स्वतंत्रता मिलने के बाद राजनैतिक दलों की दिशा और विचार प्रक्रिया निर्धारित की। साम्यवाद और पूंजीवाद के संघर्ष के उस दौर में उन्होंने एकात्म मानववाद का दर्शन दिया और अंत्योदय की अवधारणा के माध्यम से यह स्थापित किया कि गरीब की भलाई ही सत्ता की सर्वोच्च प्राथमिकता हो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस विचार का अनुसरण करते हुए गरीबों को नि:शुल्क अन्न, पक्के मकान, बच्चों की बेहतर शिक्षा और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अस्पतालों में 5 लाख रूपए तक नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की। राज्य सरकार पं.दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत को क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाना हमारा उद्देश्य है। प्रदेश में आरंभ की गई पीएमश्री एयर एंबुलेंस सुविधा का लक्ष्य हर गरीब और जरूरतमंद को आवश्यक इलाज उपलब्ध कराना है। यही पं.दीनदयाल उपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर भोपाल में लाल घाटी स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिमा स्थल पर नगर निगम भोपाल द्वारा लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रही नमो वन वाटिका का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 417 करोड़ रुपए लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया, जिसमें अमृत 2.0 परियोजना के अंतर्गत 400 करोड़ रूपए लागत की सीवरेज परियोजना, तीन करोड़ रूपए की लागत से क्रय चार सीवर कम जैटिंग मशीनों और बस स्टाप के रूप में परिवर्तित की गईं पुरानी बसों का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य-तिथि पर समर्पण दिवस के अंतर्गत समर्पण निधि में योगदान भी दिया। कार्यक्रम में सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, सर्वश्री राहुल कोठारी, रवीन्द्र यती, सुमित पचौरी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।