सतना (29 जून 24)। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के लिए नगरीय निकायों की तरह गांवों में भी कचरा प्रबंधन की योजना क्रियान्वित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, वाटर हार्वेसटिंग, वृक्षारोपण और कचरे के प्रबंधन को दृष्टिगत रखते हुए कार्य करे। राज्यमंत्री ने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए जिले और विधानसभा की पंचवर्षीय कार्य योजना बनायें और वर्षभर में किए जाने वाले कार्यों का एनुअल एक्शन प्लान भी बनायें, ताकि विकास कार्य समय-सीमा में पूरे हो सकें। राज्यमंत्री बागरी शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष सतना में रैगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत संचालित विभागीय योजनाओं के कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहीं थीं।
राज्यमंत्री बागरी ने नगरीय क्षेत्रों में सीवरेज प्लान की खुदाई और ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की पाइप बिछाने के कार्य में सड़कों के रेस्टोरेशन का कार्य शीघ्रतापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के कार्यों के सड़क रेस्टोरेशन में रोलर से मिट्टी का कॉम्पेक्शन भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग अपनी व्यवस्थाएं और मेंटेनेंस कार्य में सुधार लाएं। खराब ट्रांसफार्मर तीन दिवस में बदले जाएं और ट्रिपिंग सहित बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए।
राज्यमंत्री ने कहा कि वर्षाकाल में नवनिर्मित वाटर बॉडी की संरचना टूटनी नहीं चाहिए, तालाबों एवं बांधों के बेस्ट वियर और गेट समय पर खुलें और बरसात बाद तुरंत बंद भी किए जायें। सतना जिले में 11 लाख पौधे और रैगांव विधानसभा में 12 स्थलों पर 2 लाख 58 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य वन विभाग ने तय किया है। इसी प्रकार ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी ग्राम पंचायतों में वृक्षारोपण की तैयारी बनाकर पौधे रोपें। राज्यमंत्री ने कहा कि पौधे की सर्वाइवल रेट बढ़ाने 5-6 फीट के बड़े पौधे लगाए जायें। राज्यमंत्री ने कहा कि जिले में नगर वन और ग्राम वन की अवधारणा पर उपलब्ध भूमि में सघन वृक्षारोपण के कार्य भी लिए जाये। राज्यमंत्री बागरी ने कहा कि बरसात के समय ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की निकासी की व्यवस्था करें। बरसात के पानी को ज्यादा से ज्यादा रोकने वाटर बॉडी में डाइवर्ट करें और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए सोखता गड्ढा की संरचना भी बनायें, ताकि अधिक से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग की जा सके। राज्यमंत्री बागरी ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और जल निगम के कार्यों की समीक्षा में कहा कि घर-घर नल जल पहुंचाने की योजना में घर के भीतर तक नल कनेक्शन देना है। सड़क पर कनेक्शन के पाइप खुले नहीं छोड़े जायें, इनसे दुर्घटना हो सकती है और पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त होगी। राज्यमंत्री ने नल जल प्रदाय योजनाओं की जानकारी ली।