मुंबई (07 नवंबर 25)। हिंदी सिनेमा और संगीत जगत की जानी-मानी हस्ती सुलक्षणा पंडित का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रही थीं और मुंबई के नानावटी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। फिल्मी दुनिया, संगीत जगत और प्रशंसकों में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
1954 में जन्मी सुलक्षणा पंडित एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार से थीं। वे महान शास्त्रीय गायक पंडित जसराज की भतीजी थीं। उनके भाई जतीन-ललित बॉलीवुड के मशहूर संगीतकार जोड़ी हैं। परिवार में तीन बहनें और तीन भाई, सभी अलग-अलग क्षेत्रों में संगीत से गहरे जुड़े रहे हैं। उन्होंने सिर्फ 9 साल की उम्र से गाना शुरू किया और 1967 में प्लेबैक सिंगिंग में कदम रखा। उनकी मधुर आवाज ने 70 और 80 के दशक में कई फिल्मों में जादू बिखेरा। 1975 की फिल्म ‘संकल्प’ में गाया गीत- 'तू ही सागर है, तू ही किनारा' ने उन्हें रातों-रात देश की पसंदीदा आवाज बना दिया। इस गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड मिला। उन्होंने लता मंगेशकर, आशा भोंसले और मुकेश जैसे बड़े कलाकारों के साथ भी गाया। उनकी आवाज की मिठास और क्लासिकल टेकनीक उन्हें अपने दौर की सबसे अलग आवाजों में शामिल करती थी। गायिकी से आगे बढ़ते हुए सुलक्षणा ने फिल्मों में भी अभिनय किया। 1970–80 के दशक में वे कई फिल्मों में नजर आईं। अपनी शालीन सुंदरता, सरल संवाद अदायगी और मासूम स्क्रीन प्रेज़ेंस की वजह से उन्होंने दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई। सुलक्षणा पंडित ने जीवनभर शादी नहीं की। उनकी जिंदगी का सबसे भावुक हिस्सा था। अभिनेता संजीव कुमार के प्रति उनका प्रेम, जो कभी पूरा नहीं हो सका। संजीव कुमार की अचानक मौत के बाद वे गहरे अवसाद में चली गईं। इसके बाद स्वास्थ्य समस्याएँ, करियर का ठहराव और आर्थिक चुनौतियां भी बढ़ती गईं। पिछले कई सालों से वे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।