भोपाल (08 नवंबर 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गीता जयंती, अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के प्रदेश में गरिमापूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं। इसके साथ ही ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में हुई बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मध्यप्रदेश में 7 से 25 नवंबर की अवधि में ऑनलाइन श्रीमद् भगवद् गीता ज्ञान प्रतियोगिता हो रही है। मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना वर्ष में इस स्पर्धा में 70 पुरस्कारों का प्रावधान किया गया है। पुरस्कार में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपए, द्वितीय पुरस्कार 51 हजार रूपए का रहेगा। इसके साथ ही 31 हजार रूपए के तीन तृतीय पुरस्कारों सहित 15 लैपटाप, 30 ई-बाइक और 20 ई-रिक्शा का वितरण भी किया जाएगा। श्रेष्ठ ज्ञान स्तर के लिए प्रतियोगिता में 11 से 25 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप 2 वर्ष तक शिक्षावृत्ति देने का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिता में नागरिकों, विद्यार्थियों के साथ ही प्रतियोगिता में कारावास के बंदी भी हिस्सा ले सकेंगे। यह ऑनलाइन प्रतियोगिता प्रदेशभर में शिक्षण संस्थानों के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
बैठक में विक्रमोत्सव 2026 के आयोजन पर भी चर्चा हुई। विक्रमोत्सव की शुरूआत 15 फरवरी 2026 से होगी और 19 मार्च 2026 तक विभिन्न गतिविधियां होंगी। इसके बाद 19 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी गई। विक्रमोत्सव में मुख्य रूप से अनादि देव शिव की कलाओं का शिवार्चन, कलश यात्रा, प्रदर्शनी, शिव पुराण, विक्रम व्यापार मेला, विक्रम नाट्य समारोह, पुतुल कठपुतली समारोह, अनादि पर्व, शिल्प कार्यशाला, मालवी कलम कार्यशाला, विक्रमादित्य का न्याय वैचारिक समागम, कवि सम्मेलन, लोकरंजन, अनहद वैचारिक समागम, पौराणिक फिल्म अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव, महाकाल पृथ्वी का समय शोध संगोष्ठी, वेद अंताक्षरी, सूर्य उपासना की गतिविधियां होंगी। प्रदेश के जिलों में भी विक्रमोत्सव के कार्यक्रम होंगे।