अहमदाबाद (18 अगस्त 24)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहमदाबाद में 188 पाकिस्तानी हिंदुओं को नए नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की, जो गुजरात में नागरिकता प्रदान किए जाने का पहला उदाहरण है। यह क्षण पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से बचने के बाद भारत में शरण लेने वाले लोगों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आया। इस अवसर पर बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार पड़ोसी देशों के हिंदू, जैन, बौद्ध और सिख सहित उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान करने के लिए दृढ़ है। उन्होंने कांग्रेस नीत भारत ब्लॉक की तुष्टिकरण की राजनीति की भी आलोचना की।
अमित शाह ने कहा, 'मैं इन परिवारों को बधाई देता हूं जिन्हें नागरिकता मिली है। मुझे और भी खुशी है कि यह गुजरात में हो रहा है। सीएए लोगों को उनके अधिकार और न्याय दिलाने की पहल है। कांग्रेस पार्टी ने 2014 तक लोगों को उनके अधिकार कभी नहीं दिए। लाखों-करोड़ों लोग अपने अधिकारों का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें भारत ब्लॉक के तहत कभी न्याय नहीं मिला।' गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने अब तक सीएए के तहत अहमदाबाद जिले के 1,167 लोगों को भारतीय नागरिकता दी है। सीएए का ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए शाह ने कहा, 'करोड़ों भारतीय धर्म के आधार पर विभाजन के दौरान लोगों द्वारा सामना की गई समस्याओं को नहीं भूल सकते। कांग्रेस ने अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए हमारे लोगों को नागरिकता नहीं दी। हमारा इतिहास इसे हमेशा याद रखेगा। इन लोगों का क्या दोष था जो अपनी संपत्ति छोड़कर अपनी बेटियों और पत्नियों को बचाने के लिए यहां आए थे? कानून इन लोगों की सुरक्षा के लिए है। इस कानून के जरिए करोड़ों हिंदुओं, जैन और सिखों को न्याय मिलेगा।'