Friday, 09 Oct 2026

गृहयुद्ध की आग में सुलगे लाहौर-कराची, हिंसा में 30 की मौत

नईदिल्ली (12 अक्टूबर 25)। पाकिस्तान एक बार फिर अपनी ही बनाई धार्मिक कट्टरता की आग में जल रहा है। तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के उग्र प्रदर्शन ने पूरे देश को हिंसा, आगजनी और अराजकता के भंवर में धकेल दिया है। जिस संगठन को कभी सत्ता में बैठे लोगों ने ‘राजनीतिक हथियार’ बनाया था, वही अब उनके खिलाफ सड़कों पर उतर आया है। नतीजा  लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जैसे शहरों में हालात गृहयुद्ध जैसे बन चुके हैं।  

शनिवार को शुरू हुए TLP के राष्ट्रव्यापी विरोध ने भयानक रूप ले लिया है। हजारों कट्टरपंथी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, जिन्होंने पुलिस चौकियों, सरकारी वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। लाहौर और कराची में कई जगह बैंकों और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों से भागते देखा जा सकता है। कई जगह पुलिसकर्मियों पर हथियारों से हमला किया गया। TLP समर्थक सरकार से ईशनिंदा कानूनों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शहबाज शरीफ सरकार ‘इस्लामी सिद्धांतों से समझौता’ कर रही है।दरअसल, यह वही संगठन है जिसने पहले भी फ्रांस के राजदूत को निष्कासित करने जैसी कट्टर मांगों को लेकर हिंसक प्रदर्शन किए थे। पाकिस्तान की सरकार ने उस समय TLP को रोकने के बजाय, “राजनीतिक समझौते” कर अपनी ही कमजोरी उजागर की थी और अब वही समझौते उसके सिर पर संकट बनकर टूट पड़े हैं।इन प्रदर्शनों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की नींद उड़ा दी है। लोग दोनों के खिलाफ खुलेआम नारे लगा रहे हैं। पंजाब, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। पाकिस्तान आर्मी को सड़कों पर उतारा गया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अब सेना को भी निशाने पर ले लिया है। कई शहरों में सेना की गाड़ियां जल चुकी हैं, और भीड़ ने ‘जनरल मुनीर मुर्दाबाद’ के नारे लगाए हैं। हालात इतने खराब हैं कि स्वास्थ्य विभाग ने इसे “राष्ट्रीय आपात स्थिति” घोषित कर दिया है।

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