इंदौर (13 जनवरी 25)। शहर के ऐतिहासिक गोपाल मंदिर परिसर में रविवार को एक विवाह समारोह सम्पन्न हो गया। इस मंदिर पर सरकार ने करीब 20 करोड़ रुपए खर्च कर इसका सौंदर्यीकरण किया था। लेकिन रविवार को एक उद्योगपति ने इसका निजी उपयोग कर विवाह समारोह सम्पन्न कर लिया। इस दौरान न सिर्फ राजवाड़ा के समीप का रास्ता जबरिया बंद रखा गया, बल्कि मंदिर में श्रद्धालुओं को भी अंदर नहीं आने दिया गया। इस घटना से पूरा शहर अचंभित रह गया। कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए इसके लिए जिम्मेदार प्रशासन से जवाब माँगा लेकिन वे कोई जवाब नहीं दे पाए। कांग्रेस नेता दीपक जोशी 'पिंटू' ने इस पर कड़ी आपत्ति लेते हुए बताया कि इसके पूर्व गोपाल मंदिर में एनआरआई सम्मेलन के दौरान अतिथियों की पिकनिक मनाई गई थी, कैटरिंग और खाना भी परोसा गया था। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर जीपुष्यमित्र भार्गव ने अतिथियों की मेजबानी की थी। उन्होंने कहा कि सत्ताधारियों के लिए कोई नियम नहीं और सारे नियम-दंड सिर्फ़ जनता के लिए ही है। इस मामले में अब स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ प्रशासन भी बैकफुट पर आ गया है। इस पर जनता में भी गहरी नाराजगी है।