नईदिल्ली (19 जुलाई 24)। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने नई दिल्ली में गोबरधन पहल की प्रगति की समीक्षा करने और इस पर राय-विचार एकत्र करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादकों और क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों के साथ बातचीत की। यह बैठक गोबरधन पहल को सरकार द्वारा दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है। इसका उद्देश्य जैविक कचरे को सीबीजी और जैविक खाद जैसे मूल्यवान संसाधनों में बदलना है।
इस कार्यक्रम में विभिन्न हितधारक मंत्रालयों/विभागों, सीबीजी ऑपरेटरों और क्षेत्र के अग्रणी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित कई प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इस बातचीत का उद्देश्य सहयोग को मजबूत करना और सीबीजी उत्पादकों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करना था। यह अभिनव और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े समाधानों के लिए सरकार के अटूट समर्थन को प्रदर्शित करता है। सभा को संबोधित करते हुए पाटिल ने गोबरधन पहल की अवधारणा में उनके दृष्टिकोण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया, जो सतत विकास और सर्कुलर अर्थव्यवस्था के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। पाटिल ने यह भी कहा, 'जैविक कचरे को मूल्यवान संसाधनों में परिवर्तित करके, हम न केवल अपने पर्यावरण की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि रोजगार भी पैदा कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इसके माध्यम से हम स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा दे रहे हैं। हमारी सरकार भारत के दीर्घकालिक पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को समर्थन और आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है।' बातचीत के दौरान, सीबीजी ऑपरेटरों ने पाटिल के साथ अपनी चुनौतियों को साझा किया।