प्रयागराज (22 जनवरी 25)। अरबपति गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी आगामी फरवरी में दिवा शाह के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं, और इस शादी को लेकर अडानी परिवार ने सोशल मीडिया पर चल रही भव्यता की अटकलों को खारिज किया है। अडानी ने यह स्पष्ट किया कि यह शादी एक साधारण और पारंपरिक तरीके से होगी, जिसमें किसी तरह की धूमधाम या सितारों का जमावड़ा नहीं होगा।
महाकुंभ यात्रा के दौरान अडानी परिवार ने इस शादी को लेकर मीडिया में चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। गौतम अडानी ने कहा, 'यह एक साधारण और पारंपरिक शादी होगी, आम लोगों की तरह। हम किसी प्रकार की भव्यता या सेलिब्रिटी समारोह के पक्षधर नहीं हैं।' हाल ही में सोशल मीडिया पर इस शादी को लेकर कई तरह की अफवाहें फैल रही थीं, जिसमें यह तक कहा गया था कि यह शादी मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी की शादी की तरह भव्य होगी। अडानी ने इस पर भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, 'यह शादी बिल्कुल भी 'सेलिब्रिटी का महाकुंभ' नहीं होगी।' जीत अडानी और दिवा शाह की सगाई मार्च 2023 में अहमदाबाद में एक निजी समारोह में हुई थी। शादी का आयोजन भी अहमदाबाद में 7 फरवरी 2025 को होगा। शादी की तारीख के नजदीक आने के साथ ही सोशल मीडिया पर कुछ अफवाहें भी फैल गईं थीं कि इस समारोह में दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा होगा, जैसे एलन मस्क, बिल गेट्स, और टेलर स्विफ्ट का परफॉर्मेंस। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा था कि शादी के कारण अहमदाबाद में होने वाला भारत-इंग्लैंड वनडे मैच स्थगित कर दिया गया है। इन सभी अटकलों को अडानी परिवार ने नकारा किया है और इसे केवल एक पारिवारिक आयोजन बताया है।
अडानी ने महाकुंभ यात्रा के दौरान प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर गंगा आरती के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अडानी परिवार की जीवनशैली साधारण और कामकाजी वर्ग की तरह है। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह शादी कोई भव्य आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक पारंपरिक और साधारण पारिवारिक समारोह होगा। जीत ने मां गंगा का आशीर्वाद लेने के लिए यहां यात्रा की है।' महाकुंभ मेले के दौरान अडानी परिवार ने न केवल धार्मिक अनुष्ठान किए, बल्कि समाज सेवा में भी योगदान दिया। अडानी परिवार ने प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की और इस्कॉन द्वारा आयोजित महाप्रसाद सेवा में भी भाग लिया, जिसके तहत रोजाना एक लाख से अधिक मुफ्त भोजन वितरित किया जाता है। इसके अलावा, अडानी ने यह घोषणा भी की कि वे गोरखपुर स्थित गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित एक करोड़ प्रार्थना पुस्तकों का वितरण कर रहे हैं, जो धार्मिक कार्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।