नईदिल्ली (03 जुलाई 24)। दो दिवसीय ग्लोबल इंडिया एआई शिखर सम्मेलन 2024 आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी, रेलवे और सूचना एवं प्रसारण मंत्री, भारत सरकार, अश्विनी वैष्णव, जापान के आंतरिक मामले और संचार मंत्रालय के उप मंत्री हिरोशी योशिदा, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और आईटी राज्य मंत्री, और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, भारत सरकार, जितिन प्रसाद, सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), एस कृष्णन, अध्यक्ष, एनएएसएससीओएम, देबजानी घोष, उपाध्यक्ष, ओपन एआई, श्रीनिवास नारायणन और अतिरिक्त सचिव, इलेक्ट्रॉनिकी एवं आईटी मंत्रालय, अभिषेक सिंह शामिल हुए।
इस आयोजन में ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जीपीएआई) के विशेषज्ञों, प्रतिनिधियों, उद्योग और स्टार्टअप दिग्गजों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपयोगकर्ताओं, शिक्षाविदों, छात्रों और केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों की भागीदारी देखी गई। अश्विनी वैष्णव ने सभा को संबोधित करते हुए, प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लोकतांत्रिक बनाने और इसे सभी के लिए सुलभ बनाने के भारत सरकार के इरादे और दृष्टिकोण पर बल दिया, जिससे कोई भी पीछे न छूटे। उन्होंने कहा कि सरकार एआई केंद्रित आम उपयोग वाले सार्वजनिक मंचों में निवेश करना चाहती है, जिसका उपयोग सभी लोग प्रतिस्पर्धी और सहयोगात्मक तरीके से उत्पादों और सेवाओं को नवीनीकृत करने, विकसित करने एवं वितरित करने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने जापान, यूरोपीय संघ, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा एआई क्षेत्र में विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने एआई द्वारा उत्पन्न जोखिमों के बारे में भी आगाह किया, जो लोकतांत्रिक समुदायों के लिए खतरा हो सकता है। वैष्णव ने जिम्मेदार और मानव केंद्रित एआई का आह्वान किया।